अब अपनी
कहते है
स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है मगर यदि स्वस्थ मस्तिष्क ही न
हो तो स्वस्थ शरीर का क्या फायदा?? इसी स्वस्थ शरीर को पाने के लिए ये बेहद आवश्यक
है की अपने दिल और मन को शांत रखे | यूँ तो हर एक व्यक्ति के लिए सुकून ढूंढने का
अपना एक अलग अंदाज़ होता है, किसी को घर छोड़ ऑफिस में सुकून मिलता है तो किसी को घर
में, कोई दोस्तों के साथ सारे दुःख भूल जाता
है तो कोई परिवार के साथ | दुनिया में कुछ लोग तो ऐसे भी है जिन्हें मन और दिमाग
की शांति तब मिलती है जब वो अपने शहर के भीड़ और शोरगुल से निकलकर दुनिया के किसी
शांत कोने में अकेले या परिवार के साथ अपना वक़्त बिताते है | यंहा मैं उन दीवानों
की बात कर रही हू जिन्हें घूमना बेहद पसंद है| वो लोग जिन्हें नयी-नयी जगहों पे जाना, नए-नए लोगो से
मिलना तथा इस खुबसूरत सी दुनिया का चक्कर लगाना पसंद है |
हफ्ते भर की भाग दौड़ के बाद सप्ताह का अंत अगर आप
किसी ऐसी जगह बिताते है जंहा सिर्फ मन को शांति मिलती हो तो यकीन मानिये आपका आने
वाला एक और सप्ताह सुकून भरा होगा| वैसे तो दुनिया में पर्यटन स्थल की कोई कमी
नहीं है| बस तो अब आप तैयार हो जाईये इस खुबसूरत दुनिया की सैर के लिए|
“हैदराबाद, मेट्रो सिटी, यंहा जिंदगी लोगो से तेज़ दौडती है” ऐसी लाइन आपने
अक्सर पढ़ी होंगी मगर हैदराबाद स्टेशन पर उतरते ही ये पंक्तियाँ सच हो जाती है|
सुबह के आठ बजे हो या रात के ग्यारह, यंहा जीवन की रफ़्तार बहुत तेज़ है| हैदराबाद
अपने नाईट लाइट्स के लिए काफी फेमस है| रात होते ही यंहा की हलचल भी बढ़ जाती है और
सड़कों के किनारे बने होटल्स में लोगो की खासा भीड़ जमा होने लगती है|
हैदराबाद, अपने तहज़ीब
और चार-मिनार के लिए जाना जाने वाला शहर| जितना बड़ा ये शहर है उससे भी ज्यादा बड़ा
इस शहर का दिल| आंध्र प्रदेश की मूसी नदी के किनारे बसा ये शहर हर साल लाखों से भी
ज्यादा सैलानियों का तहे दिल से स्वागत करता है| इस शहर की आबो हवा में ना सिर्फ
विदेशी बल्कि स्वदेशी सैलानी भी कुछ इस तरह बह जाते है की अपनी सारी मुश्किलों को
भूल जाते है|
1591 में
बना चार मीनार, आज हैदराबाद का दिल कहा जाता है | शहर का सबसे बड़ा स्मारक होने के
साथ ही यह देश के कुछ प्रसिद्ध, मशहूर और प्राचीन इमारतों का हिस्सा है| साथ-साथ
यह पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है| यदि इस मज़्जिद का इतिहास खंगाले
तो पता चलता है की सुल्तान मुहम्मद कुली क़ुतुब शाह, क़ुतुब शाही राजवंश के शासक ने इस
मस्जिद को बनवाया था और उस वक़्त बने इसके मीनारों से आज भी पूरा शहर आसानी से देखा
जा सकता है| कहा तो ऐसा भी जाता है की इसी चार मीनार में एक सुरंग भी है, जो
प्राचीन काल के कैदीयों को भागने के उद्देश से बनायीं गयी थी मगर आज तक उस सुरंग
का कोई निशान नहीं मिल पाया है|
जिस तरह ये चार मीनार, हैदराबाद की जान है उसी
तरह चार मीनार के इर्द-गिर्द ही लगने वाला “लाद बाज़ार” भी इस शहर की धडकनों में
बसता है|
|घर की सजावट का सामान हो या “शरीर की सजावट” का इस बाज़ार में हर तरह का सामान
उपलब्ध है| यहाँ की मोती और यहाँ के लैस तो वर्ल्ड फेमस है| लाद बाज़ार का रंग यूँ
तो दिन में रहता ही है मगर रात होते-होते इस रंग में चमक बढती जाती है| चार मीनार
की छत से ये नज़ारा ऐसा लगता है मनो आसमान में हजारों सितारे अपनी रौशनी से आकर्षित
कर रहे हो| इस शहर की एक और चीज़ है जो देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बहुत
लोकप्रिय है और वो है यहाँ की “लज़ीज़ बिरयानी’|
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वेज से लेकर नॉन वेज तक हर तरह की
स्वादिष्ट बिरयानियों के लिए जाना जाता है ये शहर| सिर्फ प्यार से पकाए गये खाने
का स्वाद तब और बढ़ जाता है जब उसे प्यार से खिलाया भी जाये| और इस शहर की लाजवाब
बिरयानी के स्वाद के पीछे यही एक राज़ है| यंहा की बिरयानी जितनी प्यार से बनाई
जाती है उतनी ही प्यार से खिलाई भी जाती है| तो अब देर किस बात की बांधिए आपना सामान और निकल
चलिए एक ऐसे शहर की ओर जिसके अतीत की झलक आज भी यंहा दिखती है|




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