Thursday, 20 July 2017

शीशे का सैलून



"थैंक्यू सो मच मैम फ़ॉर विजिटिंग हियर!!" ऊपर से नीचे काले कपड़ों से ढकी एक ठीक -ठाक कद वाली लड़की ने हाथ मिलाते हुए कहा। पीले रंग का अतरंगा सा कपडा पहने हुए जिस औरत से वो हाथ मिला रही थी उसका सारा ध्यान अपने बालों पर था। एक हाथ में फोन लेते हुए वह औरत आगे बढ़ी और अपने बालों पर उँगलियाँ फेरती रीता के सामने से निकल गयी।
 लाल रंग का कुर्ता और पुरानी सी पीली सलवार पहने रीता ने सामने शीशे के बने बड़े से सैलून को देखा। आस-पास के लोगों से नज़रे बचाकर उसने अपने हाथ में थामा बैग टटोला और खुश हो गयी। रबड़ की चप्पल पहने जब वो सैलून के अंदर पहुंची तो आँखें चकचौन्ध हो गयी। 
अंदर झाँकने पर सभी अमीर ज़ादे सर झुकाये बैठे नज़र आये। "हाऊ कैन आई हेल्प यू मैम"..रीता ने सामने देखा तो मोटे लेंस का चश्मा पहने, खुले बालों वाली लड़की उसे लगातार घूरे जा रही थी। "हाऊ कैन आई हेल्प यू मैम"... "हेयर...कटना...हेयर..कट"। "ओह! नाइस मैम, व्हिच स्टाइल?।" थोड़ी देर शांत होकर रीता ने कुछ सोचा। "माई वेडिंग...टोमारो"। "ओह कांगो!! लेट मी चेक़"। थोड़ी देर कंप्यूटर पर देखने के बाद उसने कहा "दैट्स कट..परफेक्ट फ़ॉर यू,,ओनली इन 850 रूपीज़"।

 आँख तिरछी करके रीता ने फिर से बैग देखा और खुश हो गयी। बगल के दरवाज़े से अंदर जाते हुए उसने खुद को किसी दीपिका और प्रियंका से कम नहीं आँका। ऊपर से नीचे काले रंग का कपड़ा पहने उसी ठीक ठाक दिखने वाली लड़की ने शीशे में रीता को मुस्कुराकर देखा। "योर हेयर इस टू ऑयली मैम, यू नीड या हेयर वाश"। "आ... अ.."। "डोंट वारी, मधु विल गिव यू हेयर वाश" इतना कह कर उसने रीता को दूसरी कुर्सी पर बैठा दिया, जिसमें पीछे पीछे बेसिन जैसा कुछ बना था। रीता ने अपने बगल वाली सीट पे नज़र डाली तो, उल्टे रखे प्लास्टिक के कटोरे में किसी औरत का सर फस गया था..और उसमें से तेज़ धुआं भी निकल रहा था!! रीता कुछ कहने ही वाली थी की कटोरे को हटाकर वो औरत उठी और वंहा से चली गयी। "हियर मैम" रीता के बालों को धोते हुए मधु ने पूछा "व्हिच शैम्पू यू यूज़ मैम....कौन सा शैम्पू लगाती है? " एक्स वाई ज़ेड" "डेट्स वाय योर हेयर इस सो डैमेज, यूज़ ओनली आवर दिस प्रोडक्ट, योर हेयर विल भी सो स्मूद आफ्टर दैट" बाल में तौलिया लपेटके रीता को वापिस उसकी कुर्सी पे बैठाया गया। गर्म हवा फेकने वाली एक पाइप से उसके बालों को सुखाया गया। चारों और गले पे कपड़ा डालने और गर्दन नीचे रखने की वजह से वो खुद को देख नहीं पा रही थी।

 खैर थोड़ी देर बाद उसने सर उठाया तो जैसे तहलका हो गया!! उसके बाल ...उसके बाल तो अब भी वैसे ही थे..बस थोड़ा इधर उधर से मुड़ गए थे, पीछे से भी बाल की लंबाई काम नहीं हुई थी। बस लग रहा था चूहे ने कुतर दिए थे। "यू लुकिंग वैरी गुड" बिना जवाब दिए रीता कुछ देर तक शून्य भाव से शीशे में खुद को देखती रही। "एनी अदर सर्विस?" . . "कुछ और करवाना है क्या" "नहीं" शीशे में खुद को देखते और अपने कपड़े को सही करते वो वापिस सालून के दरवाज़े पर आ गयी। "यू लुकिंग गुड..बेस्ट ऑफ़ लक फ़ॉर योर वेडिंग, योर बिल..मैम...1000 रूपीज़" "आपने तो 850 बोला था?" "यस..ओनली हेयर कट..एक्स्ट्रा फ़ॉर द टैक्स और सर्विस" अब गुस्से से रीता का पारा चढ़ गया..मेज़ पर हाथ मारते हुए ..गले से चीख पड़ी वो.."ये काटा है बाल तुमलोगों ने..ये...अभी भी उतने ही बड़े है मेरे बाल..बेवकूफ बनाते हो तुम सब के सब!! बंद करो ये सब।" पूरे सैलून में सन्नाटा हो गया..सब की निगाहें रीता पर टिक गयी.. "हेलो..हेयर कटिंग सालून" चश्में वाली लड़की के फ़ोन पर इतना कहते ही रीता वापिस आ गयी..आस पास देखा तो सब वैसा ही था..कोई भी उसे घूर नहीं रहा था...रीता ने खुद से कहा ठीक है सब सही था..वो सिर्फ ख्याल था। अपने हाथों में लिए बैग से उसने 100 की दस नोट निकली और उसे देकर वहाँ से बहार आगयी। रास्ते में वापिस आते हुए उसे एक पेड़ के किनारे दिखा, छोटा सा "पारी ब्यूटी पार्लर" "हमारी कल शादी है..बाल कटवाने है"।

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