देखते-देखते ये एक
और साल बीत गया, साथ छोड़ गया कुछ खट्टी-मीठी यादें| साल के शुभ अवसर पर वैसे तो बत
सिर्फ ख़ुशी और हंसी कि करनी चाहिए, बीते सालों में हुई तमाम उन चीजों को नज़र में
लाना चाहिए जिनसे हमारे देश और समाज को लाभ मिला है| मगर बीता हुआ पिछला साल भी
अपराध के नाम रहा| Crime
against women, Murder case, Gang rape, Sexual harassment, Female infanticides, Sex
selective abortion, Rape and sexual assault…….चाह कर भी हम कम नहीं कर पाए| हर साल कि तरह ये
साल लोगो को ये बताने में बीत गया कि “लडकियाँ, लडकों के बराबर होती है, उनकी
इज्ज़त करो, उन्हें माँ बहन का दर्जा दो” मगर फिर भी Crime against women, Gang rape दिन पे दिन बढ़ता चला गया|
खून, डकैती, चेन स्नेचिंग आदि
मामलों से FIR रजिस्टर भरे पड़े है| इतनी जागरूकता और केम्पेन और तमाम कोशिश के बावजूद
Female infanticides, Sex
selective abortion जैसे मामले रुकने का
नाम ही नहीं ले रहे है|
इतनी सारी चीजों के बाद भी इस साल कुछ ऐसा
हुआ जिससे हमारा देश आने वाले दिनों में प्रगति कि ऊचाई को छुएगा| जहाँ साल के अंत
में दिल्ली गैंग रेप केस पर फैसला सुनाके निर्भया को इंसाफ दिलाया वही अन्ना के
लोकपाल बिल के पास होते ही देश में भ्रस्टाचार के ख़त्म होने के 50% चान्स बढ़ गया|
साल के अंत में ही दिल्ली में केजरीवाल कि
सरकार ने आकर देश की जनता को ये दिखा दिया कि आम आदमी अगर चाहे तो कुछ भी नामुमकिन
नहीं|
2013 तो अपने साथ इतनी सारी यादें लेकर चला
गया| आने वाले साल 2014 से हमें बहुत सारी उम्मीदें है|
WELCOME 2014……………………………..
बहुत खूब !!!
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